♦ ♦ ♦ ♦ ♦ ♦ सन्देश♦ ♦ ♦ ♦ ♦ ♦


हिंदुस्तानी एकेडेमी हिंदी -उर्दू दोनों जबानो का मरकज रहा है | इसकी बुनियाद बहुत पुख्ता है था उसके जरिए हिंदी -उर्दू के संजीदा लिखने पढ़ंने वालो को एक जगह इकठ्टा करने की फ़िक्र की गयी थी | अदबी रवायत को बचाने के लिए इस संस्था ने बड़ा काम किया है | इसके पास दोनों जबानो की किताबो का ऐसा सरमाया है जो अन्यत्र दुर्लभ है | इसकी संजीदा रवायत को बचाने के लिए पढ़े- लिखे लोगो को फ़िक्र करनी चाहिए हमारी यह तहजीबी और अदबी धरोहर सिर्फ कहानी न रह जाय, आए आपस में मिल जुलकर काम करे |.

रविनंदन सिंह
  कोषाध्यक्ष