♦ ♦ ♦ ♦ ♦ ♦ प्रस्तावित पुरस्कार एवं सम्मान♦ ♦ ♦ ♦ ♦ ♦

हिन्दुस्तानी एकेडेमी की स्थापना के साथ  ही एकेडेमी ने ‘एकेडेमी सम्मान’ देने की शुरूवात की जो लगभग वर्ष 1928-29 से प्रारम्भ की गयी तथा प्रथम पुरस्कार ‘प्रेमचंद’ को प्रदान किया गया। आखिरीबार 1997-98 में प्रो0 नामवर सिंह को सम्मानित किये जाने के बाद आर्थिक अभाव में इस योजना को बंद करना पड़ा। एकेडेमी हिन्दी-उर्दू के साहित्य तथा हिन्दी से जुड़ी क्षेत्रीय भाषाओं के संवर्धन तथा विकास के लिए निर्मित की गयी है। इन भाषाओं से जुड़ी लब्धप्रतिष्ठ रचनाओं तथा रचनाकारों को सम्मानित किया जाना इसकी परम्परा है। अतः इसे पुनः शुरू किया जाना अत्यन्त आवश्यक है। भावी योजना के रुप में एकेडेमी सम्मानों को दिया जाना प्रस्तावित है -

 

 क्रम सं0   पुरस्कार   हिन्दी, उर्दू तथा क्षेत्रीय भाषा विधा   धनराशि (रू0 लाख में)
1   एकेडेमी सम्मान  हिन्दी, उर्दू तथा क्षेत्रीय भाषाओं पर समस्त विधा 5.00
2   साहित्य की उत्कृष्ट कृतियों पर  हिन्दी समस्त विधा  2.00
3   साहित्य की उत्कृष्ट कृतियों पर  उर्दू समस्त विधा  2.00
4   युवा लेखन सम्मान   हिन्दी समस्त विधा 0.50
5   युवा लेखन सम्मान  उर्दू समस्त विधा 0.50
6   क्षेत्रीय भाषाओं के उत्कृष्ट कार्य हेतु विद्वानों को सम्मान  अवधी समस्त विधा 2.00
7   क्षेत्रीय भाषाओं के उत्कृष्ट कार्य हेतु विद्वानों को सम्मान   भोजपुरी समस्त विधा 2.00
8   क्षेत्रीय भाषाओं के उत्कृष्ट कार्य हेतु विद्वानों को सम्मान   ब्रज समस्त विधा 2.00
9   क्षेत्रीय भाषाओं के उत्कृष्ट कार्य हेतु विद्वानों को सम्मान  बुन्देली समस्त विधा 2.00