♦ ♦ ♦ ♦ ♦ ♦ एकेडेमी का मुख्य उद्देश्य व कार्य इस प्रकार रहा है :-♦ ♦ ♦ ♦ ♦ ♦

1. राजभाषा हिन्दी, उसके साहित्य तथा ऐसे अन्य रूपों एवं शैलियों (जैसे उर्दू, ब्रजभाषा, अवधी, भोजपुरी आदि) का परिरक्षण, संबर्द्धन और विकास करना, जिससे हिन्दी समृद्ध हो सकती है।

2. हिन्दीतर भारतीय भाषाओं तथा विदेशी भाषाओं की साहित्यिक कृतियों का हिन्दी में अनुवाद कराना।

3. मौलिक हिन्दी कृतियों, सृजनात्मक साहित्य का प्रोत्साहन एवं प्रकाशन।

4. राज्य सरकार की सहमति से हिन्दी में सन्दर्भ ग्रन्थ तैयार कराना तथा उनका प्रकाशन।

5. प्रतिष्ठित विद्वानों एवं लेखकों को एकेडेमी का अधिसदस्य चुनना।

6. एकेडेमी के हितैषियों को इसका अधिसदस्य चुनना।

7. लेखकों, कवियों, साहित्यकारों, वैज्ञानिकों तथा कलाकारों का सम्मान करना।

8. प्रतिष्ठित विद्वानों के व्याख्यानों की व्यवस्था करना।

9. साहित्यिक गतिविधियों पर विचार करने के लिए वार्षिक सम्मेलन का आयोजन करना।

10. प्राचीन एवं मध्ययुगीन हिन्दी साहित्य के वैज्ञानिक रूप से सम्पादित पाठों का प्रकाशन।